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मुरैना: कोर्ट के आदेश पर 100 साल पुराने मकान से परिवार बेदखल, सड़क पर सामान रखकर किया चक्काजाम

रिपोर्ट--अमन सक्सेना 



तीन पीढ़ियों से रह रहे परिवार का दावा, प्रशासन ने कोर्ट के आदेश पर की बेदखली की कार्रवाई

मुरैना। शहर के स्टेशन रोड थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मुड़ियाखेड़ा गांव में मंगलवार को कोर्ट के आदेश पर एक परिवार को मकान से बेदखल किए जाने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। कार्रवाई से आक्रोशित परिवार ने अपना घरेलू सामान सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए न्याय की मांग की।

जानकारी के अनुसार, मुड़ियाखेड़ा निवासी लक्ष्मी अपने परिवार के साथ लंबे समय से उक्त मकान में रह रही थीं। परिजनों का दावा है कि उनका परिवार करीब 100 वर्षों से इसी मकान में निवास कर रहा है और उनकी तीन पीढ़ियां यहीं पली-बढ़ी हैं। कुछ समय पहले पड़ोसी परिवार के साथ भूमि स्वामित्व को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो बाद में न्यायालय पहुंच गया।

मंगलवार को न्यायालय के आदेश के पालन में स्टेशन रोड थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में प्रशासन ने बेदखली की कार्रवाई करते हुए परिवार का सामान मकान से बाहर निकलवा दिया।

सड़क पर सामान रखकर किया विरोध

बेदखली की कार्रवाई के बाद पीड़ित परिवार भावुक हो गया। परिवार के सदस्यों ने पलंग, बर्तन, संदूक और अन्य घरेलू सामान सड़क पर रख दिया तथा वहीं धरने पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। इसके चलते कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाइश दी, जिसके बाद यातायात को सुचारु कराया गया।

पीड़ित परिवार ने लगाई न्याय की गुहार

पीड़ित महिला लक्ष्मी ने बताया कि उनका परिवार कई पीढ़ियों से इसी मकान में रह रहा था। कोर्ट के आदेश के बाद अचानक बेदखल किए जाने से पूरा परिवार बेघर हो गया है। उन्होंने प्रशासन से न्याय दिलाने और उचित राहत उपलब्ध कराने की मांग की।





प्रशासन ने कोर्ट के आदेश का किया पालन

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश के पालन में की गई है। भूमि स्वामित्व विवाद से संबंधित मामले में न्यायालय के निर्णय के अनुरूप बेदखली की प्रक्रिया पूरी की गई।

नोट: पीड़ित परिवार ने मकान में लगभग 100 वर्षों से निवास करने का दावा किया है, जबकि बेदखली की कार्रवाई न्यायालय के आदेश के आधार पर प्रशासन द्वारा की गई है। भूमि विवाद से जुड़े मामले का अंतिम निर्णय न्यायालय के अभिलेखों के अनुसार प्रभावी है।



 

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