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अनशन पर बैठे युवक से मिलने पहुंचे कांग्रेस जिलाध्यक्ष मधुराज सिंह तोमर ने सांसद पर निशाना साधते हुए कहा कि अपनी नाकामी छिपाने के लिए कांग्रेस को बेवजह इस मामले में घसीटा जा रहा है।

 

धरना स्थल पर बैठे कांग्रेस जिलाध्यक्ष मधुराज सिंह तोमर


मुरैना: दिमनी विधानसभा क्षेत्र के जोहां-श्यामपुर मार्ग की बदहाल सड़क को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। सड़क निर्माण की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे युवक के समर्थन में अब राजनीतिक दलों का भी आना शुरू हो गया है। शुक्रवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष मधुराज सिंह तोमर अनशन स्थल पर पहुंचे और पीड़ित युवक से मुलाकात कर उसका हालचाल जाना

अनशन पर बैठे युवक ने भावुक होते हुए कहा, "अब सड़क बनेगी या मेरी सांस थमेगी।" उसका कहना है कि वर्षों से जोहां-श्यामपुर मार्ग की हालत बेहद खराब है। गड्ढों और कीचड़ से भरी सड़क के कारण ग्रामीणों का जीवन मुश्किल हो गया है। सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं, मरीजों, स्कूली बच्चों और किसानों को उठानी पड़ रही है। युवक ने साफ कहा कि जब तक सड़क निर्माण शुरू नहीं होगा, तब तक वह अन्न-जल ग्रहण नहीं करेगा, चाहे इसके लिए उसे अपने प्राणों की ही बाजी क्यों न लगानी पड़े।

अनशन स्थल पर पहुंचे कांग्रेस जिलाध्यक्ष मधुराज सिंह तोमर ने भारतीय जनता पार्टी और क्षेत्रीय सांसद पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को कांग्रेस पर आरोप लगाने के बजाय अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश आजाद होने के बाद से दिमनी क्षेत्र में सबसे अधिक बार भाजपा के विधायक और मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र में सबसे अधिक बार भाजपा के सांसद रहे हैं। इसके बावजूद आज भी ग्रामीण एक अच्छी सड़क के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं।

मधुराज सिंह तोमर ने आरोप लगाया कि सांसद शिवमंगल सिंह तोमर अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए कांग्रेस पर आरोप लगा रहे हैं, जबकि यदि वे गंभीरता से पहल करें तो सड़क निर्माण का कार्य तुरंत शुरू कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर काम चाहती है।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आगे कहा कि जब मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के बड़े नेताओं का दौरा होता है, तब प्रशासन रातों-रात सड़कें तैयार कर देता है। ऐसे में सवाल उठता है कि जोहां-श्यामपुर के ग्रामीणों के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है? आखिर इस क्षेत्र की जनता को मूलभूत सुविधा के लिए आमरण अनशन का सहारा क्यों लेना पड़ रहा है?

ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी होती है और बरसात के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को शिकायतें देने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

उधर, आमरण अनशन पर बैठे युवक अपने फैसले पर अडिग है। उसका कहना है कि "चाहे मेरे प्राण चले जाएं, लेकिन जब तक सड़क निर्माण शुरू नहीं होगा, मैं यहां से नहीं उठूंगा।"

अब यह आंदोलन स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर राजनीतिक मुद्दा बनता नजर आ रहा है। ऐसे में देखना होगा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस मामले में कब तक कोई ठोस निर्णय लेते हैं और जोहां-श्यामपुर मार्ग के निर्माण को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।




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