रिपोर्ट-//-अमन सक्सेना
मुरैना, 4 अगस्त। थाना सुमावली पुलिस ने हत्या के एक सनसनीखेज मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के महज 36 घंटे के भीतर दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार 2 अगस्त 2026 को फरियादी अशोक उर्फ रिकू पुत्र रामजीलाल धुरैया ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह अपने भाई धीरेन्द्र उर्फ पप्पू, राजवीर, अजब सिंह, अवधकिशोर तथा भतीजे विक्की उर्फ विकास के साथ खेतों पर दवाई छिड़कने जा रहे थे। रास्ते में नाथूराम, छोटेलाल, सचिन, राहुल, सत्यपाल, सुमित, लवकुश गुर्जर, गोलू गुर्जर तथा 5-6 अन्य लोगों ने पुरानी जमीन बंटवारे की रंजिश को लेकर उनका रास्ता रोक लिया।
आरोप है कि विवाद के दौरान आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और फायरिंग कर दी, जिसमें अजब सिंह, राजवीर, विकास एवं धीरेन्द्र उर्फ पप्पू घायल हो गए। मामले में थाना सुमावली में अपराध क्रमांक 54/26 दर्ज कर धारा 103(1), 109(1), 126(2), 296(ए) एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।
पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना ने घटना की गंभीरता को देखते हुए फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र पाल सिंह डावर के निर्देशन तथा एसडीओपी बानमौर अनिल कुमार मंडराह के मार्गदर्शन में थाना सुमावली, बानमौर एवं नूराबाद पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई।
पुलिस के सतत प्रयासों और सक्रिय मुखबिर तंत्र के चलते घटना के मात्र 36 घंटे के भीतर वांछित आरोपी छोटेलाल उर्फ छोटे गुर्जर एवं सत्यपाल उर्फ भूरा गुर्जर को थाना सुमावली क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
इन अधिकारियों का रहा सराहनीय योगदान
इस कार्रवाई में निरीक्षक दीपेन्द्र यादव (थाना प्रभारी बामौर) एवं उनकी टीम, उपनिरीक्षक सौरभ पुरी (थाना प्रभारी नूराबाद), उपनिरीक्षक मुन्नालाल गौर (प्रभारी थाना सुमावली), सहायक उपनिरीक्षक कृष्णा राना, प्रधान आरक्षक राम सिंह, राधाचरण तथा आरक्षक शिवप्रताप, जितेन्द्र, रामचित्र और अर्जुन का सराहनीय योगदान रहा।
