रिपोर्ट-//-अमन सक्सेना
मुरैना। थाना बागचीनी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चोरी के तीन अलग-अलग मामलों का मात्र 36 घंटे के भीतर खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी का माल, वारदात में प्रयुक्त उपकरण तथा मोटरसाइकिल सहित कुल ₹1.78 लाख का मशरूका बरामद किया है। मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, 5 अगस्त 2026 को राजवीर पादव निवासी ककरथा, मनोज शर्मा निवासी वीरमपुरा तथा कुअरपाल सिंकरवार निवासी छोटे सिंह का पुरा ने थाना बागचीनी में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके गांव के मंदिरों से पीतल के घंटे तथा खेतों से बिजली के केबल और अन्य विद्युत उपकरण अज्ञात चोर चोरी कर ले गए हैं।
शिकायत के आधार पर थाना बागचीनी में अलग-अलग अपराध क्रमांक 165/2026, 166/2026 एवं 167/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
पुलिस अधीक्षक मुरैना धर्मराज मीना के निर्देश पर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी एवं चोरी गए माल की बरामदगी के लिए विशेष टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र पाल सिंह डावर के निर्देशन तथा एसडीओपी जौरा नितिन बघेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बागचीनी निरीक्षक शशिकुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, संदेहियों से पूछताछ की तथा मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया।
लगातार प्रयासों के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग चोरी किए गए पीतल के घंटों को बेचने के उद्देश्य से मोटरसाइकिल से कुम्हेरी-हड़वासी नहर मार्ग से मुरैना की ओर जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर तीन आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर तीनों चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी के पीतल के घंटे, बिजली के केबल, चोरी में प्रयुक्त उपकरण तथा माल की तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की। बरामद मशरूके की कुल अनुमानित कीमत ₹1.78 लाख बताई गई है।
गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले में फरार एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं और उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकुमार के साथ सउनि मुकेश, सउनि डालचंद, प्रधान आरक्षक सिरदीप, आरक्षक अमित, आरक्षक सुनील, आरक्षक दीप सिंह एवं आरक्षक सुमित का सराहनीय योगदान रहा।


