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चंबल में अवैध रेत परिवहन पर बड़ी कार्रवाई: बाबा देवपुरी मंदिर के पास जेसीबी से रास्ते खुदवाकर किए बंद

रिपोर्ट -//- अमन सक्सेना


मुरैना, 4 अगस्त। पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना के निर्देश पर जिले में अवैध रेत परिवहन, उत्खनन एवं भंडारण के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना सरायछौला पुलिस एवं वन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बाबा देवपुरी मंदिर एवं ग्राम हेतमपुर क्षेत्र से चंबल नदी की ओर जाने वाले प्रमुख कच्चे एवं वैकल्पिक मार्गों को जेसीबी मशीन से गहरे गड्ढे खुदवाकर पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया।

पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना द्वारा जिले के सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि चंबल नदी क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन, उत्खनन एवं भंडारण के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाए तथा ऐसे मार्गों की पहचान कर उन्हें अवरुद्ध किया जाए, जिनका उपयोग रेत माफिया अवैध परिवहन के लिए करते हैं।




इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र पाल सिंह डावर के निर्देशन में 4 अगस्त 2026 को थाना सरायछौला पुलिस एवं वन विभाग की संयुक्त टीम ने बाबा देवपुरी मंदिर के आसपास तथा ग्राम हेतमपुर क्षेत्र से चंबल नदी तक जाने वाले प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया। पहचान किए गए मार्गों के बीच जेसीबी मशीन की सहायता से गहरे गड्ढे खुदवाकर उन्हें पूरी तरह बंद कर दिया गया, ताकि अवैध रेत परिवहन में प्रयुक्त ट्रैक्टर-ट्रॉली, डंपर एवं अन्य भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।




पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य चंबल नदी क्षेत्र में अवैध खनन गतिविधियों पर नियंत्रण स्थापित करना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना तथा शासन को होने वाले राजस्व नुकसान को रोकना है। मार्ग अवरुद्ध होने से रेत माफियाओं द्वारा उपयोग किए जाने वाले प्रमुख रास्ते बंद हो गए हैं, जिससे भविष्य में अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाए जाने में मदद मिलेगी।



मुरैना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अन्य अवैध मार्गों की भी पहचान कर इसी प्रकार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

इन अधिकारियों-कर्मचारियों का रहा सराहनीय योगदान

इस संयुक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी सरायछौला उपनिरीक्षक के. के. सिंह के नेतृत्व में थाना सरायछौला पुलिस के 15 पुलिसकर्मी तथा वन विभाग के एसडीओ श्याम सुंदर चौहान सहित 16 अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। इस प्रकार कुल 31 अधिकारी एवं कर्मचारियों ने अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

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