रिपोर्ट--// अमन सक्सेना
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश पुलिस बल को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद गृह विभाग ने मध्यप्रदेश पुलिस में 9,662 नए पदों पर भर्ती के लिए प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी है। सरकार का लक्ष्य कुल 18 हजार पदों पर भर्ती कर प्रदेश पुलिस को देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस बनाना है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में पुलिस मुख्यालय में आयोजित वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि पुलिस विभाग में रिक्त पदों की पूर्ति की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने हाल ही में लगभग 25 हजार पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पदोन्नति होने पर संतोष व्यक्त करते हुए आगामी महीनों में भी पदोन्नति और नई भर्तियों की प्रक्रिया निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए थे।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में गृह विभाग ने विभिन्न श्रेणियों के कुल 9,662 पदों पर सीधी भर्ती के लिए प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी है। साथ ही सितंबर माह में शेष पात्र अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पदोन्नति चक्रीय क्रम में किए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
किन पदों पर होगी भर्ती
जारी आदेश के अनुसार वर्ष 2026 में विभिन्न पुलिस इकाइयों में तृतीय श्रेणी के कई पदों पर भर्ती होगी। इनमें—
- सूबेदार (अ) शीघ्रलेखक – 135 पद
- सहायक उपनिरीक्षक (अ) – 520 पद
- अराजपत्रित सूबेदार – 81 पद
- उपनिरीक्षक (जिला पुलिस बल) – 312 पद
- उपनिरीक्षक (विशेष शाखा) – 69 पद
- उपनिरीक्षक (क्यूडी) – 4 पद
- उपनिरीक्षक (अंगुल चिन्ह) – 22 पद
- उपनिरीक्षक (आयुध) – 10 पद
- उपनिरीक्षक (फोटो) – 9 पद
- आरक्षक (जीडी) – 7,500 पद
- आरक्षक (चालक) – 1,000 पद
इन सभी पदों को मिलाकर कुल 9,662 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
18 हजार पदों पर भर्ती का लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान में स्वीकृत 9,662 पदों के अतिरिक्त शेष पदों की स्वीकृति भी जल्द जारी की जाएगी। सरकार का लक्ष्य पुलिस विभाग में 18 हजार रिक्त पदों को भरना है, जिससे कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष 8,500 पदों की स्वीकृति के बाद इस वर्ष भी बड़े पैमाने पर भर्ती का निर्णय लिया गया है। प्रदेश सरकार का उद्देश्य आधुनिक, सक्षम और जनहितैषी पुलिस व्यवस्था विकसित करना है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद समाप्त होने के बाद पुलिस बल विकास कार्यों में भी महत्वपूर्ण और रचनात्मक भूमिका निभाएगा।
इस फैसले को प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर और मध्यप्रदेश पुलिस को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
