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मुरैना के थाना टेंटरा क्षेत्र में घायल हिरण के बच्चे को डायल-112 जवानों ने उपचार एवं संरक्षण के लिए सुरक्षित किया, वन विभाग को सौंपा


मुरैना। पुलिस अधीक्षक मुरैना धर्मराज मीना (भा.पु.से.) के निर्देशन में जिले में संचालित डायल-112 सेवा लगातार आमजन के साथ-साथ वन्यजीवों की सुरक्षा और त्वरित सहायता के लिए भी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। इसी क्रम में थाना टेंटरा क्षेत्र में घायल हिरण के बच्चे को समय रहते सुरक्षित रेस्क्यू कर उपचार के लिए वन विभाग के सुपुर्द किया गया।

जानकारी के अनुसार, 20 जून 2026 को सुबह 08:29 बजे राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल में सूचना प्राप्त हुई कि थाना टेंटरा क्षेत्र के ग्राम पठानपुरा में एक हिरण का बच्चा कुत्तों के हमले में घायल हो गया है तथा उसे तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम द्वारा संबंधित डायल-112 एफआरवी वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया।

सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए डायल-112 स्टाफ आरक्षक भंवर सिंह (क्रमांक 237) एवं पायलट राकेश रावत घटनास्थल पर पहुंचे। मौके पर मौजूद ग्रामीणों से जानकारी लेने पर पता चला कि हिरण का यह बच्चा जंगल से भटककर अपने झुंड से अलग होकर गाँव में आ गया था। इसी दौरान आवारा कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और स्वयं चलने-फिरने की स्थिति में नहीं था।

डायल-112 टीम ने बिना समय गंवाए घायल हिरण के बच्चे को सुरक्षित अपने एफआरवी वाहन में रखा और उसे उपचार एवं संरक्षण के उद्देश्य से निकटस्थ वन विभाग की फॉरेस्ट चौकी पहुँचाकर वन अधिकारी के सुपुर्द कर दिया। वन विभाग द्वारा हिरण के बच्चे का प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया गया है तथा उसकी लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि पूर्ण रूप से स्वस्थ होने के बाद उसे प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा सके।


स्थानीय ग्रामीणों ने डायल-112 पुलिस की त्वरित कार्रवाई, संवेदनशीलता और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जिम्मेदार रवैये की सराहना की। इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि डायल-112 सेवा केवल आमजन की आपातकालीन सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर बेजुबान वन्यजीवों की सुरक्षा और जीवन बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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